RTI आवेदन कैसे करें: Online और Offline आवेदन से लेकर First Appeal, Second Appeal और Complaint तक पूरी जानकारी सरकारी विभाग से किसी योजना, निर्माण कार्य, भुगतान, आदेश, रिकॉर्ड या अन्य उपलब्ध सूचना की जानकारी प्राप्त करनी हो तो सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act) एक महत्वपूर्ण कानूनी माध्यम है। RTI Act की धारा 6 के तहत नागरिक संबंधित Public Authority के CPIO/SPIO या CAPIO/SAPIO को लिखित अथवा electronic माध्यम से सूचना के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन में मांगी गई सूचना स्पष्ट रूप से बतानी होती है और सामान्यतः सूचना मांगने का कारण बताना आवश्यक नहीं है। इस guide में RTI कैसे लिखें, कहाँ जमा करें, Online RTI कैसे करें, उत्तर प्रदेश में RTI, शुल्क, जवाब की समय-सीमा, First Appeal, Second Appeal, Complaint और तैयार formats को आसान भाषा में समझाया गया है।
RTI क्या है?
RTI का पूरा नाम Right to Information — सूचना का अधिकार है।
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 का उद्देश्य Public Authorities के नियंत्रण में उपलब्ध सूचना तक नागरिकों की पहुंच को बढ़ाना तथा सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देना है।
RTI के माध्यम से उपलब्ध records से संबंधित जानकारी मांगी जा सकती है, जैसे:
सरकारी आदेश
स्वीकृति पत्र
कार्यादेश
भुगतान रिकॉर्ड
बिल/वाउचर
उपलब्ध रिपोर्ट
उपलब्ध सूची
पत्राचार
फाइल से संबंधित उपलब्ध रिकॉर्ड
सरकारी कार्य से संबंधित अन्य उपलब्ध दस्तावेज
RTI कौन लगा सकता है?
RTI Act के तहत भारतीय नागरिक सूचना मांग सकता है। RTI आवेदन में सूचना मांगने का कारण बताना सामान्यतः आवश्यक नहीं है। कानून के अनुसार contact के लिए आवश्यक जानकारी के अलावा applicant से अन्य personal details मांगने की बाध्यता नहीं है।
RTI में क्या पूछना चाहिए?
RTI का सबसे अच्छा तरीका है कि उपलब्ध रिकॉर्ड/दस्तावेज मांगे जाएं।
कमजोर सवाल
मेरे काम में देरी क्यों हुई?
बेहतर RTI सवाल
मेरे आवेदन संख्या _ पर दिनांक से दिनांक _ तक की गई कार्रवाई से संबंधित उपलब्ध अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं।
Table of Contents
इसी तरह:
अधिकारी ने ऐसा क्यों किया?
उक्त निर्णय से संबंधित आदेश, पत्राचार एवं उपलब्ध अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं।
इससे आवेदन अधिक स्पष्ट और record-based रहता है।
RTI में कौन-कौन सी जानकारी मांग सकते हैं?
उदाहरण के लिए ग्राम पंचायत के किसी निर्माण कार्य के संबंध में आप मांग सकते हैं:
कार्य का नाम।
कार्य की स्वीकृत लागत।
प्रशासनिक/तकनीकी स्वीकृति की प्रति, जहां उपलब्ध हो।
कार्यादेश की प्रमाणित प्रति।
कार्य प्रारंभ एवं पूर्ण होने से संबंधित उपलब्ध रिकॉर्ड।
भुगतान से संबंधित उपलब्ध विवरण।
बिल/वाउचर की प्रमाणित प्रतियां।
उपलब्ध Measurement Book के संबंधित पृष्ठों की प्रमाणित प्रतियां।
निरीक्षण रिपोर्ट की प्रति, यदि उपलब्ध हो।
कार्य से संबंधित उपलब्ध अन्य अभिलेख।
महत्वपूर्ण
RTI में यह लिखना:
बताएं कि भ्रष्टाचार क्यों हुआ?
की तुलना में यह लिखना अधिक उपयोगी हो सकता है:
उक्त कार्य से संबंधित भुगतान बिल, वाउचर, कार्यादेश एवं उपलब्ध माप पुस्तिका के संबंधित पृष्ठों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं।
RTI Application का पूरा Format
सेवा में,
लोक सूचना अधिकारी,
विभाग/कार्यालय का नाम
पूरा पता
विषय: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत सूचना उपलब्ध कराने हेतु आवेदन।
महोदय/महोदया,
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत निम्नलिखित सूचनाएं उपलब्ध कराने का कष्ट करें:
उपरोक्त विषय से संबंधित उपलब्ध अभिलेखों/
दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं।
सूचना से संबंधित अवधि:
दिनांक _ से दिनांक _ तक।
कृपया नियमानुसार मांगी गई सूचना उपलब्ध कराने की कृपा करें।
नाम:
पूरा पता:
मोबाइल नंबर:
ईमेल:
दिनांक:
हस्ताक्षर:
संलग्न:
- आवेदन शुल्क/शुल्क भुगतान का विवरण
- अन्य आवश्यक दस्तावेज, यदि लागू हों
RTI Act की Section 6 के अनुसार आवेदन लिखित या electronic माध्यम से किया जा सकता है और मांगी गई सूचना के particulars specify करने होते हैं।
Certified Copy कैसे मांगें?
यदि आपको सरकारी record की प्रमाणित प्रति चाहिए तो यह line इस्तेमाल करें:
उक्त विषय से संबंधित अभिलेखों/दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं।”
उदाहरण:
वर्ष 2025-26 में उक्त कार्य के लिए जारी कार्यादेश की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए।
उक्त कार्य से संबंधित उपलब्ध भुगतान बिल एवं वाउचर की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं।
RTI में Record Inspection कैसे मांगें?
यदि किसी बड़े record की पूरी copy लेने के बजाय आप पहले record देखना चाहते हैं, तो आवेदन में यह लिख सकते हैं:
उक्त विषय से संबंधित अभिलेखों के निरीक्षण हेतु नियमानुसार अवसर प्रदान किया जाए तथा निरीक्षण के दौरान चयनित अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं।”
Inspection और copy से संबंधित applicable fee संबंधित rules के अनुसार हो सकती है।
RTI Online कैसे करें?
RTI Online का तरीका इस बात पर निर्भर करता है कि सूचना Central Government Public Authority से संबंधित है या State Government Public Authority से।
Central Government
Central RTI Online portal:
RTI Online – Government of India
इस portal का उपयोग Central Government Ministries/Departments और संबंधित Central Public Authorities के लिए किया जाता है।
सामान्य प्रक्रिया
Official portal खोलें।
Submit Request चुनें।
Guidelines पढ़ें।
संबंधित Public Authority चुनें।
Applicant details भरें।
RTI questions/application text दर्ज करें।
निर्धारित fee का payment करें।
Application submit करें।
Registration Number सुरक्षित रखें।
उत्तर प्रदेश में RTI Online
अगर RTI उत्तर प्रदेश सरकार के विभाग/कार्यालय से संबंधित है तो Central RTI Online portal को इस्तेमाल करने के बजाय संबंधित UP RTI system का उपयोग करें।
उत्तर प्रदेश RTI Online Portal
उदाहरण: ग्राम पंचायत, विकास खंड, तहसील या उत्तर प्रदेश के किसी State Government department से संबंधित सूचना के लिए सही UP/State procedure की जांच करें।
Central RTI portal State Government Public Authorities के लिए आवेदन न करने की चेतावनी देता है।
RTI Application Fee
RTI application fee और additional copying charges संबंधित Central/State rules के अनुसार हो सकते हैं।
इसलिए किसी article में एक ही fee को पूरे भारत पर लागू बताने के बजाय आवेदन से पहले संबंधित authority के वर्तमान rules/portal को देखना बेहतर है।
उत्तर प्रदेश के लिए: आवेदन से पहले current UP RTI Rules/official portal पर applicable fee और payment method verify करें।
RTI का जवाब कितने समय में मिलता है?
RTI Act की Section 7 के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में PIO को request प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर सूचना उपलब्ध कराने या कानून के अनुसार निर्णय देने की व्यवस्था है।
कुछ परिस्थितियों में अलग provisions लागू हो सकते हैं।
इसलिए:
Application Date + Registration/Receipt Number + Reply Date
सुरक्षित रखें।
RTI का जवाब नहीं मिले तो First Appeal
अगर निर्धारित समय में decision नहीं मिलता या प्राप्त decision से आप संतुष्ट नहीं हैं, तो Section 19(1) के तहत First Appeal का विकल्प है। RTI Act में appeal का अलग statutory mechanism दिया गया है।
First Appeal Format
सेवा में,
प्रथम अपीलीय प्राधिकारी,
विभाग/कार्यालय का नाम
पूरा पता
विषय: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 19(1)
के अंतर्गत प्रथम अपील।
महोदय/महोदया,
मैंने दिनांक __ को सूचना का अधिकार अधिनियम,
2005 के अंतर्गत लोक सूचना अधिकारी के समक्ष आवेदन
प्रस्तुत किया था।
RTI आवेदन/पंजीकरण संख्या: __
मुझे निर्धारित अवधि में सूचना प्राप्त नहीं हुई है /
प्राप्त सूचना अपूर्ण है / उपलब्ध कराई गई सूचना से मैं
संतुष्ट नहीं हूं।
अतः निवेदन है कि मेरे मूल RTI आवेदन पर नियमानुसार
विचार करते हुए आवश्यक सूचना उपलब्ध कराने हेतु
उचित आदेश प्रदान करने की कृपा करें।
संलग्न:
- मूल RTI आवेदन की प्रति
- आवेदन की प्राप्ति/Registration proof
- प्राप्त उत्तर की प्रति, यदि कोई हो
- अन्य संबंधित दस्तावेज
नाम:
पता:
मोबाइल:
ईमेल:
दिनांक:
हस्ताक्षर:
First Appeal में क्या लिखें?
आपकी समस्या के अनुसार इनमें से सही statement रखें:
जवाब नहीं मिला
निर्धारित समयावधि में मुझे मेरे आवेदन का कोई उत्तर प्राप्त नहीं हुआ है।
अधूरी सूचना मिली
उपलब्ध कराई गई सूचना मेरे आवेदन में मांगी गई सभी सूचनाओं को cover नहीं करती है।
गलत/असंबंधित सूचना
उपलब्ध कराई गई सूचना मेरे आवेदन में मांगी गई सूचना से संबंधित नहीं है।
Documents नहीं मिले
मांगे गए अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।
Second Appeal
यदि First Appeal के बाद भी मामला संतोषजनक रूप से resolved नहीं होता, तो applicable circumstances में संबंधित Central Information Commission या State Information Commission के समक्ष Second Appeal का विकल्प हो सकता है।
RTI Act में Section 19 appeal mechanism का प्रावधान है।
किस Commission में जाना है यह इस बात पर निर्भर करेगा कि Public Authority Central है या State।
Second Appeal Format
सेवा में,
माननीय सूचना आयुक्त,
केंद्रीय/राज्य सूचना आयोग
विषय: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 19(3)
के अंतर्गत द्वितीय अपील।
अपीलकर्ता:
नाम: ______
पता: ______
मोबाइल: ___
ईमेल: ______
प्रतिवादी:
लोक सूचना अधिकारी:
प्रथम अपीलीय प्राधिकारी:
विषय:
RTI आवेदन दिनांक _ से संबंधित द्वितीय अपील।
महोदय/महोदया,
मैंने दिनांक _ को RTI आवेदन प्रस्तुत किया था।
RTI Registration/Application No.: _
उक्त आवेदन के संबंध में मुझे _____________
समस्या का सामना करना पड़ा।
इसके बाद दिनांक _ को प्रथम अपील प्रस्तुत की गई,
लेकिन ___________________________________।
अतः निवेदन है कि प्रकरण पर नियमानुसार विचार करते हुए
उचित आदेश पारित करने की कृपा करें।
संलग्न दस्तावेज:
RTI Application
RTI Receipt/Registration proof
PIO Reply, यदि कोई हो
First Appeal
First Appeal Order, यदि कोई हो
अन्य संबंधित दस्तावेज
दिनांक:
स्थान:
नाम:
हस्ताक्षर:
RTI Complaint
सेवा में,
माननीय सूचना आयुक्त,
Central/State Information Commission
विषय: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 18
के अंतर्गत शिकायत।
महोदय/महोदया,
मैंने दिनांक _ को संबंधित Public Authority के
समक्ष RTI आवेदन प्रस्तुत किया था।
आवेदन संख्या: _
मेरी शिकायत का कारण:
अतः निवेदन है कि प्रकरण पर RTI Act के अंतर्गत
नियमानुसार विचार करने की कृपा करें।
संलग्न:
RTI Application
Receipt/Registration proof
उपलब्ध correspondence
अन्य संबंधित दस्तावेज
नाम:
पता:
मोबाइल:
ईमेल:
दिनांक:
हस्ताक्षर:
RTI में कौन-सी जानकारी exempt हो सकती है?
RTI का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन हर सूचना स्वतः disclose नहीं होती।
RTI Act की Section 8 में विभिन्न exemptions हैं और Section 9 में कुछ परिस्थितियों में access रोकने का प्रावधान है।
इसलिए आवेदन में सामान्यतः वही information मांगना बेहतर है जो:
Public Authority के पास उपलब्ध record में हो
कानून के तहत disclosure योग्य हो
स्पष्ट रूप से identify की जा सके
RTI में ये गलती न करें
बहुत बड़ा विषय
2015 से आज तक विभाग में जितना भी भ्रष्टाचार हुआ उसकी पूरी जानकारी दें।
बेहतर
ग्राम पंचायत _ में वित्तीय वर्ष 2024-25 में सड़क निर्माण कार्य संख्या _ से संबंधित स्वीकृति, कार्यादेश एवं भुगतान अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं।
व्यक्तिगत आरोप
अधिकारी ने चोरी क्यों की?
Record-based
उक्त अधिकारी द्वारा किए गए निर्णय से संबंधित उपलब्ध आदेश/पत्राचार की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए।
RTI से जुड़े Useful Topics
आप इन विषयों पर भी अलग-अलग RTI डाल सकते हैं:
ग्राम पंचायत
पंचायत बजट
विकास कार्य
भुगतान
कार्यादेश
उपलब्ध measurement records
उपलब्ध बिल/वाउचर
सरकारी योजना
स्वीकृत राशि
खर्च
उपलब्ध लाभार्थी records
implementation records
सड़क/नाली/भवन
Estimate
Work Order
Contractor/agency records, जहां disclosure permitted हो
Payment records
Completion records
Inspection records
सरकारी कार्यालय
आदेश
पत्राचार
file records
नियम/निर्देश
कार्रवाई से संबंधित उपलब्ध records
RTI और शिकायत में अंतर
यह बहुत महत्वपूर्ण है।
RTI = सूचना प्राप्त करना
Complaint/Grievance = समस्या के समाधान की मांग
उदाहरण:
अगर आपकी pension नहीं मिल रही है:
RTI:
मेरी pension application पर की गई कार्रवाई से संबंधित उपलब्ध records उपलब्ध कराएं।
Grievance:
मेरी pension चालू की जाए/लंबित भुगतान किया जाए।
इसलिए केवल RTI लगाकर हर समस्या का सीधे समाधान होने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
RTI आवेदन करते समय Checklist
Publish करने के लिए आपकी वेबसाइट पर यह checklist बहुत उपयोगी रहेगी:
सही Public Authority चुनी
PIO/SPIO की जानकारी जांची
विषय स्पष्ट रखा
सूचना की अवधि लिखी
सवाल numbered रखे
उपलब्ध records मांगे
Certified Copy जहां जरूरी हो लिखा
सही fee/payment method जांचा
Receipt/Registration Number सुरक्षित रखा
Reply की copy सुरक्षित रखी
जरूरत पड़ने पर First Appeal की
Central/State jurisdiction सही रखा
Dream Utraula Digital Hub पर RTI सहायता
RTI application तैयार करने में कई लोगों को यह समझने में कठिनाई होती है कि किस विभाग से सूचना मांगनी है और प्रश्न किस प्रकार लिखना है।
Dream Utraula Digital Hub पर उपलब्ध सेवाओं के अनुसार RTI application की typing, formatting, drafting assistance और online application assistance उपलब्ध कराई जा सकती है।
हमारा उद्देश्य आवेदन को व्यवस्थित करने में सहायता देना है। सूचना उपलब्ध कराने या RTI पर निर्णय लेने का अधिकार संबंधित Public Information Officer/authority के पास होता है।
Dream Utraula Digital Hub
Madhpur Tiraha, Utraula
Balrampur, Uttar Pradesh, India
संपर्क नंबर: +91 95542 50317
ईमेल: dreamutraula.in@gmail.com
RTI का पूरा नाम क्या है?
RTI का पूरा नाम Right to Information — सूचना का अधिकार है।
RTI किस कानून के तहत लगाई जाती है?
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत।
RTI कौन लगा सकता है?
भारतीय नागरिक RTI के तहत सूचना मांग सकता है।
क्या RTI में कारण बताना पड़ता है?
सामान्यतः नहीं। Section 6(2) के अनुसार सूचना मांगने का कारण बताना आवश्यक नहीं है।
क्या RTI Online की जा सकती है?
हाँ, जहाँ संबंधित Public Authority के लिए official online facility उपलब्ध है।
निष्कर्ष
RTI Act, 2005 नागरिकों को Public Authorities के पास उपलब्ध information तक पहुंचने का महत्वपूर्ण माध्यम देता है। सही RTI वही है जिसमें सही विभाग, स्पष्ट विषय, निश्चित अवधि और उपलब्ध records की स्पष्ट मांग हो।
Central और State Government authorities के लिए online process अलग हो सकती है, इसलिए आवेदन से पहले संबंधित official portal की पुष्टि करें।
अस्वीकरण:
इस वेबसाइट पर प्रकाशित RTI (सूचना का अधिकार) संबंधी लेख केवल सामान्य जानकारी और शैक्षिक उद्देश्य से उपलब्ध कराया गया है। इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति को कानूनी सलाह देना, किसी सरकारी विभाग के निर्णय की गारंटी देना या किसी विशेष मामले में परिणाम सुनिश्चित करना नहीं है।
RTI आवेदन की प्रक्रिया, आवेदन शुल्क, समय-सीमा, आवश्यक दस्तावेज, ऑनलाइन पोर्टल, अपील प्रक्रिया तथा अन्य नियम संबंधित केंद्र सरकार, राज्य सरकार, Public Authority और समय-समय पर लागू नियमों/निर्देशों के अनुसार अलग या परिवर्तित हो सकते हैं।
इस लेख में दिए गए RTI Application, First Appeal, Second Appeal और Complaint के Formats केवल सामान्य नमूने हैं। किसी विशेष मामले में आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग, Public Information Officer (PIO/SPIO), आधिकारिक RTI Portal अथवा संबंधित Information Commission की वर्तमान जानकारी अवश्य जांचें।
Dream Utraula Digital Hub किसी RTI आवेदन के स्वीकार होने, सूचना प्राप्त होने, अपील के परिणाम, शिकायत के निस्तारण या किसी अन्य सरकारी निर्णय की गारंटी नहीं देता।
हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध RTI सहायता का उद्देश्य आवेदन को व्यवस्थित करने, टाइप करने, Format तैयार करने तथा उपलब्ध ऑनलाइन प्रक्रिया में सामान्य सहायता प्रदान करना है। अंतिम आवेदन की सामग्री, तथ्यों की सत्यता और प्रस्तुत की गई जानकारी की जिम्मेदारी आवेदक की होगी।
किसी भी सरकारी योजना, नियम, शुल्क, समय-सीमा या प्रक्रिया के संबंध में अंतिम और प्रामाणिक जानकारी के लिए संबंधित सरकारी विभाग/आधिकारिक पोर्टल को प्राथमिकता दें।
यह जानकारी प्रकाशित करते समय उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है, लेकिन भविष्य में नियम या प्रक्रियाएं बदल सकती हैं। इसलिए पाठकों को आवेदन करने से पहले नवीनतम आधिकारिक जानकारी की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है।